Sad News ब्लूटूथ लगाकर फोन पर थी मस्त, पैर फिसलते ही लिफ्ट के खुले शाफ्ट में गिरी युवती हुई दर्दनाक मौत!

सावधानी हटी, जिंदगी की डोर कटी

Sad News/गुरुग्राम : आधुनिक तकनीक ने हमारे जीवन को आसान तो बनाया है, लेकिन इसके प्रति हमारी लापरवाही कभी-कभी जानलेवा साबित होती है। साइबर सिटी गुरुग्राम से एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक 28 वर्षीय युवती की मामूली सी लापरवाही ने उसकी जान ले ली। यह घटना उन सभी लोगों के लिए एक सबक है जो चलते-फिरते फोन और ईयरफोन के इस्तेमाल में पूरी तरह खो जाते हैं।

 

हादसे का मंजर: जब ध्यान भटका और काल ने जकड़ लिया

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान 28 वर्षीय युवती के रूप में हुई है। चश्मदीदों का कहना है कि युवती अपने कान में ब्लूटूथ हेडफोन लगाकर फोन पर किसी से बात करने में मशगूल थी। वह एक निर्माणाधीन या तकनीकी खराबी वाली लिफ्ट के पास मौजूद थी।

बताया जा रहा है कि बात करते समय उसका पूरा ध्यान फोन की आवाजों में था। जैसे ही उसने लिफ्ट की ओर कदम बढ़ाया, उसे इस बात का अंदाजा ही नहीं हुआ कि लिफ्ट का दरवाजा तो खुला है लेकिन लिफ्ट का केबिन उस फ्लोर पर नहीं था। पैर फिसलते ही वह सीधे लिफ्ट के गहरे शाफ्ट (गड्ढे) में जा गिरी। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आने के कारण मौके पर ही अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

क्यों हुई यह चूक?

अक्सर जब हम ब्लूटूथ या हेडफोन लगाकर बात करते हैं, तो हमारे दिमाग का एक बड़ा हिस्सा उस बातचीत में केंद्रित हो जाता है। इसे ‘इनअटेंशनल ब्लाइंडनेस’ कहा जाता है, जिसमें व्यक्ति की आँखें खुली होने के बावजूद वह सामने मौजूद खतरे (जैसे खुला हुआ गड्ढा या आती हुई गाड़ी) को नहीं देख पाता। इस मामले में भी युवती का ध्यान फोन पर था, जिससे वह लिफ्ट की स्थिति को भांप नहीं सकी।

एक गंभीर चेतावनी: आपकी ये आदतें जानलेवा हैं!

यह घटना केवल एक खबर नहीं, बल्कि हम सबके लिए एक रेड अलर्ट है। सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस हादसे के बाद कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

निष्कर्ष

गुरुग्राम की इस 28 वर्षीय युवती के सपने एक पल की लापरवाही की भेंट चढ़ गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है कि क्या बिल्डिंग प्रबंधन की ओर से भी कोई लापरवाही हुई थी। लेकिन प्राथमिक तौर पर यह साफ है कि फोन पर ‘मस्त’ होना जान पर भारी पड़ गया।

याद रखिए: एक कॉल या एक गाना आपकी जिंदगी से कीमती नहीं है। घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है, इसलिए तकनीक का गुलाम न बनें, सतर्क रहें।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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